क्या आप सोचते हैं की केवल मानव ही धरना दे सकते हैं . आप गलत हैं जनाब क्योकि ''मेरे परिवार'' के कुछ सदस्य जो मनुष्य नहीं हैं वे भी धरना देते हैं .देखिये इन साहब को -
ये चाहते थे ऊपर चढ़ना पर इन्हें रोक दिया गया तो ये साहब धरना देकर घर के सामने ही बैठ गए ...बस नारे नहीं लगाये ये ही शुक्र रहा -
अब मिलिए इन महोदय से .. ...ये हैं हमारे ''जोंटी जी ''.मार्च आते ही इनकी गर्मियां जोर से शुरू हो गयी थी .....अब तो अप्रैल है ..... .चाहते हैं कमरे में घुसकर पलंग के नीचे सोना ......आग्रह करते हैं -
जब इनकी जिद नहीं मानी गयी तो ये भागकर जाकर कड़ी धूप में खड़े हो गए ....कोई समझा सकता है भला इन्हें ?
अब बताइए आप ही कि क्या केवल मानव ही धरना दे सकता है ?
शिखा कौशिक



