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बुधवार, 18 मई 2011

मियाँ साहब और ब्लोगिंग

  कई महीनो बाद जब अपने घर लौटा तो सामने वाले मियां साहब को देखकर पहचान न पाया.दौड़कर उनके घर पहुंचा और सहानभूति जताते हुए बोला 'मियां ये क्या हाल बना रखा है ?लम्बी-लम्बी दाढ़ी,मैले-कुचले कपडे और सेहत तो ऐसी गिर गयी है आपकी -जैसे महीनों से कुछ न खा-पी रहे हों -सब खैरत से तो है ?'' मेरी बात सुनते ही मियां साहब के आंसू निकल आये ;अपनी कुर्सी से खड़े होते हुए मुझे जबरदस्ती उस पर बैठा दिया और खुद जमीन पर पालथी मारकर बैठ गए .भर्राए   गले से धीरे-धीरे आसमान की और देखते हुए बोले -क्या बताऊँ भाईजान मेरा तो सब कुछ लुट गया.सत्यानाश हो इस ब्लोगिंग का !बेगम ने कई ब्लॉग बना लिए हैं,दिन भर जहाँ पहले सलमा -सलीम को गोद में लिए रहती थी आज मुआ लेपटॉप  शान से कब्ज़ा जमाये है ब्लॉग-पोस्ट पर टिपण्णी आई तो बेगम का मिजाज रंगीन पर अगर नहीं आई तो जैसे घर में मनहूसियत छा जाती है .कोई ''आधुनिक नारी ''ब्लॉग से भी जुड़ गयी हैं मोहतरमा -बस फिर क्या मै तो पॉंव की जूती बन कर रह गया .खाना मांगों तो कहती हैं -''खुद बना लो मैं तो कमेन्ट कर रही हूँ .....कपडे क्या खाक धुलेंगे ? सलमा-सलीम के ब्लॉग भी बना दिए हैं.सलमा कैसे टूथपेस्ट करती है ?सलीम साईकिल चलाना सीख रहा है .......सबके फोटो चिपका दिए हैं उनके ब्लॉग पर और भाईजान यकीन मानिये सारी दुनिया आस्ट्रेलिया से लेकर अमेरिका तक; तमिलनाडु से लेकर झुमरीतलैया तक से तारीफों भरी टिपपन्नियाँ हजारों की  संख्या में आती हैं .सलमा तो अब सीधे मुंह बात भी नहीं करती ,कहती है ''...अब्बू अब तो हम सेलेब्रिटी हैं .दो सौ फौलोवर हैं हमारे !अब्बू आप भी बना लो एक ब्लॉग .''भाईजान मेरे तो सीने पर सांप लौट रहे हैं .अल्लाह की कसम यदि वो इंसान मिल जाये जिसने ये ब्लागस्पाट बनाए है मैं उसे जिन्दा जमीन में गाड़ दूँ .'' मैंने उन्हें कुछ शांत करते हुए कहा '''मियां साहब थोडा सब्र कीजिये .....अब क्या बताऊँ मैंने भी एक ब्लॉग बना रखा है ''आस-पड़ोस'' .आप भी दिल की बात एक सामूहिक ब्लॉग '''भड़ास ''से जुड़कर निकाल ही डालो पर एक बात पूछना चाह रहा हूँ 'ये दाढ़ी इतनी कैसे बढ़ गयी ?'' मियां साहब कुछ गुस्से में बोले ''...भाईजान वो नाइ भी एक ब्लॉग बना लिए है .ससुरा जब भी उसकी दुकान पर जाओ सामने के साइबर कैफे में घुसा रहता है ...दोस्ती गाठ रखी है उससे और आप तो मुझे जानते ही हो दाढ़ी बनवानी है तो उसी से इसीलिए रुके हुए हैं ...कभी तो ब्लोगर फेल होगा या इंटरनेट कनेक्ट नहीं होगा तभी दबोच लूँगा उस को !''मियां साहब के दर्द सुनकर जी भर आया .मन ही मन सोचा ''इनका दर्द तो ''हिन्दुस्तान के दर्द '' से भी बढ़कर है .'' मैं उन्हें धैर्य बंधाकर अपने घर की ओर चल दिया ....पर मेरा मन अब ख़ुशी से बल्लियों उछलने लगा जैसे ही मेरे दिमाग में यह आया कि क्यों न मियां साहब के दर्द को ही आज अपनी ब्लॉग पोस्ट का मुद्दा बनाकर ब्लॉग जगत में वाहवाही लूट ली जाये .''आमीन ''

21 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

:))))

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

शानदार....
जानदार....
मजेदार.....लेख
.........मियाँ की चिंता जायज है

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

ब्लॉग जगत पर इतना खूबसूरत और सटीक व्यंग्य इससे पहले नहीं पढ़ा !
बहुत ही अच्छा लिखा है आपने !
आभार !

सुज्ञ ने कहा…

वाह!! वाह!!
यह लो शिखा जी मेरी वाह-वाही।

बाकि है तो मियाँ की परेशानी एन्जॉय करने का अवसर!!

Patali-The-Village ने कहा…

ब्लॉग सम्बन्धी बहुत सुन्दर व्यंग| धन्यवाद|

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut khoob .

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

इस व्यंग्य के लिए मेरे पास सिर्फ एक ही शब्द है .....लाजवाब

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

आज आपके ब्लॉग को समर्थक (फोल्लोवेर्स ) बन गया हु

सुज्ञ ने कहा…

'सुज्ञ' पर अच्छा डिप्लोमेटिक जवाब दिया!!

आभार, शिखा जी!!

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

गजब

Dinesh pareek ने कहा…

बहुत ही सुन्दर लिखा है अपने इस मैं कमी निकलना मेरे बस की बात नहीं है क्यों की मैं तो खुद १ नया ब्लोगर हु
बहुत दिनों से मैं ब्लॉग पे आया हु और फिर इसका मुझे खामियाजा भी भुगतना पड़ा क्यों की जब मैं खुद किसी के ब्लॉग पे नहीं गया तो दुसरे बंधू क्यों आयें गे इस के लिए मैं आप सब भाइयो और बहनों से माफ़ी मागता हु मेरे नहीं आने की भी १ वजह ये रही थी की ३१ मार्च के कुछ काम में में व्यस्त होने की वजह से नहीं आ पाया
पर मैने अपने ब्लॉग पे बहुत सायरी पोस्ट पे पहले ही कर दी थी लेकिन आप भाइयो का सहयोग नहीं मिल पाने की वजह से मैं थोरा दुखी जरुर हुआ हु
धन्यवाद्
दिनेश पारीक
http://kuchtumkahokuchmekahu.blogspot.com/
http://vangaydinesh.blogspot.com/

mahendra verma ने कहा…

बढ़िया हास्य, बढ़िया व्यंग्य।

NEELANSH ने कहा…

:):)
aapne bahut satya likha hai....

Rajesh Kumari ने कहा…

sarvpratham haardik dhanyavaad aapki anmol tippani ke liye.usi ke madhyam se aapke blog ka pata chala.aapki haasye rachna to kamaal ki hai.dil khush ho gaya padhkar.god bless you.

Arunesh c dave ने कहा…

हा हा हा शिखा जी मजेदार लिखा है

Vivek Jain ने कहा…

बहुत ही बढ़िया - विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Ravi Rajbhar ने कहा…

heheheheh......

miya ki chinta ka kya hal hai?

अभिषेक मिश्र ने कहा…

ब्लौगिंग के साईड इफेक्ट्स' :-)

JALES MEERUT ने कहा…

बिलकुल सच्ची बात लिखी है ब्लोगर बस अपनी ही दुनिया में मस्त रहता है |

JALES MEERUT ने कहा…

बिलकुल सच्ची बात लिखी है ब्लोगर बस अपनी ही दुनिया में मस्त रहता है |

JALES MEERUT ने कहा…

बिलकुल सच्ची बात लिखी है ब्लोगर बस अपनी ही दुनिया में मस्त रहता है |