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बुधवार, 22 मई 2013

*सट्टेबाजी से घृणा करो आई .पी .एल . से नहीं !





''आधार वाक्य -पाप से घृणा करो पापी से नहीं !''


*सट्टेबाजी से घृणा करो आई .पी .एल . से नहीं !


*एक़े. 47 से घृणा करो संजय दत्त से नहीं !

*पाकिस्तानी सेना से घृणा करो पाकिस्तानी सरकार से नहीं !


*फिसलती जुबान से घृणा करो शिंदे साहब से नहीं !


*पी .एम् .ओ . से घृणा करो डॉ .मनमोहन सिंह से नहीं !


*साम्प्रदायिक दंगों से घृणा करो श्री नरेन्द्र मोदी से नहीं !


*राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं से घृणा करो श्री लाल कृष्ण आडवानी से नहीं !


*दबंगई से घृणा करो राजा भैय्या से नहीं !


* काले  धन  से घृणा  करो  स्विस बैंक से नहीं !

*अश्लीलता से घृणा करो सन्नी लियोन से नहीं !

       और अंत में -

घोटालो से घृणा करो नेताओं  से नहीं !
बात है सच्चे सोने सी चौबीस कैरेट सही !
आने वाले हैं चुनाव दिल में न रखना खोट !
दागी हैं तो क्या हुआ हमको ही देना वोट !

शिखा कौशिक 'नूतन '


4 टिप्‍पणियां:

sanny chauhan ने कहा…

bahut achchhe
idhar bhi padhare

http://hinditech4u.blogspot.in/

शालिनी कौशिक ने कहा…


विचारणीय रोचक प्रस्तुति .आभार . बाबूजी शुभ स्वप्न किसी से कहियो मत ...[..एक लघु कथा ] साथ ही जानिए संपत्ति के अधिकार का इतिहास संपत्ति का अधिकार -3महिलाओं के लिए अनोखी शुरुआत आज ही जुड़ेंWOMAN ABOUT MAN

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
की ओर से आभार।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

जब दोनों एक ही बात के पर्याय बन जाएं तो फरक करना मुश्किल हो जाता है ...
अच्छा लिखा है ...