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सोमवार, 20 मई 2013

राजीव जी को शत -शत नमन [२ १ मई १ ९ ९ १ ]


राजीव जी को शत -शत नमन [२ १ मई १ ९ ९ १ ]

राजीव जी की हत्या ...सोचकर भी रौंगटे खड़े हो जाते हैं .आंतकवादी तो बम ब्लास्ट कर किसी की जान क्षण भर में छीन लेते हैं पर उस व्यक्ति के जाने से पूरा परिवार ही उजड़ जाता है .राजीव जी की हत्या ने तो पूरे देश सहित दुनिया में उनके प्रशंसकों को रुला डाला था .आज भी इस दिन के आते ही राजीव जी का क्षतविक्षत पड़ा शरीर आँखों के सामने घूम जाता है और फिर याद आता है काले चश्मे में आँखों के दर्द को छिपाए सोनिया जी का चेहरा .अस्थि -विसर्जन के लिए जाते रेल के डिब्बे में उदास बैठे राहुल जी और हादसे को साहस के साथ झेलती प्रियंका जी के ह्रदय की व्यथा को महसूस कर आँखे आज भी भर आती हैं .......पर   कितना कठिन होता है जीवन साथी का अकस्मात छोड़ कर चला जाना !सोनिया जी ने कैसे सहा होगा यह हादसा -

जब छूट जाता है साथ 
अचानक ही 
रह जाते हैं खाली हाथ !

किससे करें शिकायत 
ऊपर वाला भी 
कब सुनता है फरियाद !

रह जाते हैं आंसू 
आँखों में और 
जाने वाले की याद !

जन्म -जन्म के बंधन 
कच्चे पड़ जाते 
टूट जाते ख्वाब !


प्रिय के अधूरे सपनों को 
करना जो होता है पूरा 
अमर हो जाता है सुहाग !
 

शिखा कौशिक 'नूतन 

1 टिप्पणी:

शालिनी कौशिक ने कहा…

rajeev ji ko hamara bhi shat shat naman बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति .मन को छू गयी .आभार . बाबूजी शुभ स्वप्न किसी से कहियो मत ...[..एक लघु कथा ] साथ ही जानिए संपत्ति के अधिकार का इतिहास संपत्ति का अधिकार -3महिलाओं के लिए अनोखी शुरुआत आज ही जुड़ेंWOMAN ABOUT MAN