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मंगलवार, 10 जुलाई 2012

मैं हूँ बागी संगमा ....


मैं हूँ बागी संगमा ....

विदेशी मूल के मुद्दे पर कॉंग्रेस से  गया था भाग ;
फिर जुड़ा 'यू.पी.ए' से  ...जिसकी सोनिया सरताज ,
पुत्री को मंत्री बना ....भोगा  सत्ता राज ,
राष्ट्रपति पद के लिए फिर जली ह्रदय में आग ;
छोड़ पार्टी  अपनी  किया नया आगाज़ ,
'वोट मुझे देना सभी 'सुन आत्मा की  आवाज़  ,
वैसे मेरी आत्मा  मुझे छोड़ चुकी है आज ,
मैं हूँ बागी संगमा ..मुझे क्या नैतिकता से काज?
                       शिखा कौशिक 

5 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

sangma jaise neta aaj ki rajneeti me keval kalank hi kahe ja sakte hain.sarthak prastuti.

रविकर फैजाबादी ने कहा…

हकीकत बयां कर दी आपने |
यही है आज की पोलिटिक्स |
बहुत सुन्दर |
सादर नमन ||

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

वाह ... बहुत खूब....बहुत उत्कृष्ट प्रस्तुति है

आज का आगरा

रविकर फैजाबादी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति |
बधाई स्वीकारें ||

शिवनाथ कुमार ने कहा…

सही मायने में आज की राजनीति को चित्रित करती रचना .....